03 June, 2014

नहीं था मैं ऐसा......- प्रकाश टाटीवाल

नहीं था मैं ऐसा 
प्रकाश  

क़त्ल हुआ है ऐसा
इस बेजान दिल का
तब से हूँ उदास,
गुमनाम सा
इन गलियों में
वैसे तो दुनिया में कितना गम है
और मेरा गम
मेरा गम उससे भी शायद कही ज्यादा है
ये नहीं है मेरी फितरत
और नहीं है मेरा शौक
की दिल दुखाऊ
किसी सच्चे दिल का
बस डरता हूँ ,
हा डरता हूँ की
ना दुबारा निकल पडू
उन्ही गुमनाम गलियों में
जिसमे दर्द के सिवा और कुछ नहीं .....
वो दर्द में किसी को
नहीं देना चाहता
जो सहा है मेने भी कभी  
बस इसी वजहों से
खीच लेता हूँ अपने कदम पीछे को की ......
-         प्रकाश टाटीवाल 

Loading...