05 April, 2015

रविवारीय ज्ञान द्वारा एम के पाण्डेय निल्को

आज रविवार है आलस्य से भरा यह दिन मेरे लिए बातों की खिचड़ी पकाता है,  रविवार का दिन मेरे लिए शेयर मार्केट जैसा होता है कुछ भी निश्चित नहीं , कुछ भी कभी भी हो सकता है । जैसे अभी अभी ये विचार मन मे आया की..............................................