07 April, 2016

शौक रहा दिल को उनके गुलाब लिखने का

"शौक रहा दिल को उनके गुलाब लिखने का
बेदम से गुलशन में बेबस शबाब लिखने का

"लकड़ियाँ चुन लाये मन की अलाव जलाने
फिर भी न मिटा खुमार किताब लिखने का

"आज जाना कीमत कलम की आंसू भी है
बेफिक्री के आलम में बेहिसाब लिखने का

"ले जाना कही अपने अरमान सहराओं में
वहां है गर्म धूप का मन खराब लिखने का

"हमें तो आता है 'निशान',बस शेर से अंदाजे-बयाँ
कहाँ है हुनर गुलाब से अजाब लिखने का

अजाब:यातना,पीड़ा

त्रिपुरेंद्र ओझा निशान

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