03 जून, 2011

कछुए की पीठ पर सवार ओवरब्रिज निर्माण सलेमपुर


ओवरब्रिज निर्माण में देरी से लोग झेल रहे परेशानी।

कछुआ गति से चल रहा ओवरब्रिज निर्माण कार्य।
 फाटक पर रुक जाती है वाहनों की रफ्तार,
जाम से निजात पाने को अभी डेढ़ साल का इंतजार
 जाम की दुश्वारियों से जूझते सलेमपुरवासियों को इससे निजात पाने के लिए फिलहाल अभी डेढ़ साल और इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे के आठ सी फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज निर्माण की धीमी गति में फिलहाल तेजी आती नहीं दिख रही है। यहां आकर हर रोज जाम में फंसकर सैकड़ों वाहनों की रफ्तार थम जाती है। विभागीय अधिकारी जहां कुशल मजदूरों की खासी किल्लत बता रहे हैं तो दूसरी तरफ लोग विलंब की वजह अधिकारियों की उदासीनता बता रहे हैं। देवरिया-बलिया सड़क मार्ग पर स्थित सलेमपुर रेलवे स्टेशन के दक्षिणी फाटक पर ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय जनता लंबे समय से मांग करती रही थी। रेलवे फाटक पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए वर्ष 2009 में ओवरब्रिज निर्माण स्वीकृत हुआ। इसकी कुल लागत 14.41 करोड़ रुपये है, जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा 12.20 करोड़ एवं रेलवे द्वारा 2.20 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ। शुरू में काम की गति काफी तेज रही परंतु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते काम अत्यंत मंद गति से चल रहा है। ब्रिज को इस वर्ष जून तक पूरा होना था, परंतु विलंब की वजह से मार्च 2012 तक समयावधि बढ़ा दी गई। अब हालत यह है कि कार्यदायी संस्था उप्र राज्य सेतु निगम के देवरिया इकाई द्वारा कार्य में देरी से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। खुद सेतु निगम के जिम्मेदार अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं कि निर्धारित समयावधि में काम पूरा होना संभव नहीं है। सेतु निगम के अवर अभियंता एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि मजदूरों की कमी से प्रोजेक्ट में विलंब हो रहा है। बंगाल के कुशल मजदूर इंटीरियर में बिजली, पानी और रहने की असुविधा के चलते आने को तैयार नहीं। स्थानीय मजदूरों से किसी तरह काम कराया जा रहा है। जिस गति से काम हो रहा है, उसके हिसाब से दिसंबर 2012 से पहले ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद नहीं है। अवर अभियंता आरएन सिंह ने बताया कि करीब 25-30 अनट्रेंड मजदूरों से कंकरीट का काम करवाया जा रहा है। भारी संख्या में कुशल मजदूरों की जरूरत है। क्या कहते हैं जिम्मेदार करोड़ रुपये प्रोजेक्ट की लागत करोड़ रुपये प्रदेश का हिस्सा
में शुरू हुआ था काम पुल के समीप संपर्क मार्ग का 1 मार्च को टेण्डर हो गया था। ठेकेदार ने गांधी चौक से 25 नंबर पीयर तक सड़क पिच करा दी। इसके आगे पोल तार पड़ रहे हैं। जिसे हटाने के लिए सेतु निगम ने बिजली विभाग को 42.18 लाख रुपये 11 फरवरी को दे दिया।पर तार हटे पोल। इससे संपर्क मार्ग और ओवरब्रिज का काम रुका है। नगर पंचायत भी अतिक्रमण नहीं हटवा रहा है ताकि निर्माण हो सके।
-आरएन सिंह सेतु निगम के जेई बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने कहा 31 मई से तार पोल हटवाने का काम शुरू करा दूंगा।
- एसबी राम, अधिशासी अभियंता सेतु निगम बताए कि उसे किस प्लेस की जरूरत है। वहां से अतिक्रमण हटा दिया जाएगा, हम तैयार हैं।
राधेश्याम सोनकर, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारी दूसरे पर डाल रहे सलेमपुर में विभागों के अधिकारियों के झाम में आखिर जनता पिस रही है। सेतु निगम, नगर पंचायत, बिजली विभाग, आरटीओ विभाग अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे है। अपनी जिम्मेदारी दूसरे के कंधे पर डाल रहे हैं, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे दूर होगा जाम
देवरिया-बलिया की कम हो जाएगी दूरी, रेलवे क्रासिंग से मिलेगी निजात, बचेगा समय क्या हैं दिक्कतें आए दिन लग रहा है लंबा जाम,
पश्चिमी डाइवर्जन रूट की पुलिया टूटी। मजदूरों की कमी से प्रोजेक्ट में विलंब हो रहा है। बंगाल के कुशल मजदूर असुविधा के चलते आने को तैयार नहीं। जिस गति से काम हो रहा है, उसके हिसाब से 2012 से पहले ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद नहीं है। अवर अभियंता, एसएस श्रीवास्तव 2009 जून 2011 में पूरा होना था काम पूर्ण होने की नई तिथि 2012 बिलंब का कारण मजदूरों की कमी  |
VMW Team के लिए अमर उजाळा के रिपोर्टर पवन मिश्रा की रिपोर्ट