23 मई, 2013

एतना घोटाला की बाद भी देश चल रहल बा, इ सब कुछ पुण्यप्रतापी लोग के देन बा।

मनबोध मास्टर का नेता नाम से ही घिन हो गइल बा। एतना घिन जइसे नेता ना नेटा(पोंटा) होखें। घोटाला पर घोटाला होत देख बोल पड़लें- ‘ साग घोटाला, पात घोटाला। सुबह-शाम और रात घोटाला।

पाथर के हाथी बा खइलसि, 15 अरब के डाढ़ा।
 मंत्री जी लोग गटक रहल बा, घोटाला के काढ़ा।। 
लोकायुक्त किये खुलासा, बात कहत हैं पक्की।
 दो सौ जने आरोपित भइलें, कब पिसिहें जेल में चक्की।। 






1 टिप्पणी:

  1. जे कबहुं ना घूस लियो, कियो ना भ्रष्टाचार। ऐसे अधम बेलायक जीव को बार-बार धिक्कार

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