05 जुलाई, 2014

तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी - मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’

आईने के सामने न आया करो
जुल्फों को यू न सवारा करो
अपनी ही नज़र न लगाया करो
यू हंस – हंस कर न इशारा करो
अपनी अदाए यू ही न दिखाया करो
अगड़ाइया लेकर ये जुल्म न डाला करो
मार डालेगी यह अदा यू ही न दिखाया करो
तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी
निल्को की नज़र से जब तुम देखा करो
सताते हो जिस तरह तुम मुझको
किसी गैर को तो सता कर देखो
खुदा के लिए अब छोड़ तो यह पर्दा
तुम्हारा नहीं अब कोई है कर्जा
इस पर्दे को ज़रा उठा कर के देखो
किसी दिन ज़रा मुस्करा कर के देखो
तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी
किसी को अपना बना कर के देखो
मैंने दुनिया को आजमा कर के  देखा
अब तुम भी मुझे आजमा कर के देखो
गर वह नाराज़ है तुमसे
किसी दिन उसे मना कर के देखो ........
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मधुलेश पाण्डेय निल्को
 

Madhulesh Pandey 'Nilco'

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