21 अक्तूबर, 2015

रावण को ही क्यों मारे?


सिर्फ पुरुष ही अपने अन्दर के रावण को क्यों मारें...?
स्त्रियों को भी चाहिये कि वो भी अपने अन्दर की कैकई, ताड़का, मंथरा और शूर्पणखा को मारें !

सादर
एम के पाण्डेय निल्को

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें !