04 दिसंबर, 2015

ये चन्द लाइने लिखने से क्या फ़ायदा- एम के पाण्डेय ‘निल्को’


ए दोस्त ज़रा मुझ पर
रहमत की नज़र रखना
मै भी तुंहरा ही हूँ
इसकी तो खबर रखना 

मुझ जैसे डूबने वालों को
अब तेरा सहारा है
निल्को ने देख लिया सबको
अब तुझको पुकारा है 

कही डूब न जाऊ मैं
मेरा हाथ पकड़ रखना
तेरी ज़िंदगी के इतिहास में
मेरी भी एक कहानी लिखना 
प्रेम की गर न हो निशानी
ऐसी मीरा की क्या जो न हो दीवानी
ये चन्द लाइने लिखने से क्या फ़ायदा
जिसमे न हो तेरी मेरी कहानी

रंग तो इसका कुछ और चढ़ा होता
प्रेम का यदि व्याकरण तुमने पढ़ा होता
तुम्हारे साथ मिलकर मधुलेश
इक नया आचरण गढ़ा होता
अपनी तो क्या लिखू ए दोस्त
कुछ कम,कुछ गम और कुछ नम लिखते है
एक डायरी रखता हूँ दिल के अंदर
जिस पर सिर्फ़ और सिर्फ तुम्हारा नाम लिखते है
 एम के पाण्डेय निल्को
(युवा ब्लॉगर और कवि)