14 फ़रवरी, 2019

जवानों के काफिले पर हमला कई जवान शहीद, आखिर कब तक??


मेरी अश्रुपूरित श्रदांजलि उन अमर शहीद सैनिकों को ,और उनके परिवारजनों की ओर से सुनी कोखों और कलाइयों का दर्द आपके सामने , शेयर करें अगर देश से प्यार है ताकि फिर एक सर्जीकल स्ट्राइक हो

बहुत हो रहा समझौता इन दो कौड़ी के नागों से।
फिर कहता हूँ न हल निकलेगा मीठी मीठी बातों से।।
घर मे घुसकर इनको मारो दम दिखलाओ मोदी जी।
या फिर सत्ता करो हवाले सैनिक को तुम मोदी जी।।
राजनीति के बस में कुछ न राजनीति ही दिखती है।
देश भूलकर सारी कोशिस मुद्दों पर ही टिकती है।।
समझौता क्यों मुद्दों खातिर सैनिक की है लाशों से।
रोज रोज है कोख उजड़ती चरण चाटती बातों से।।
कुछ कुत्ते दाखिल हो जाते सीमा के दरवाजों से।
तेरे cctv कँहा गए क्या लगे हुए दरबारों में।।
कहते थे सीमा पर कोई नहीं परिंदा पर मारे।
एक के बदले 10 सर लेंगे लगते थे ऐसे नारे।।
कोख पूछती तुमसे है क्यों बार बार सैनिक मरता।
कहते रहते हो मोदी से अखिल विश्व हलहल कँपता।।
अगर इंच है 56 वाला तो दिखला दो मोदी जी।
दूध छठी का नामर्दों को चलो पिला दो मोदी जी।।
आगे आगे मैं जाऊँगा कसम सैन्य की खाता हूँ।
पाकिस्तान पर गर हमले का एक निमंत्रण पाता हूँ।।
एक बार घर मे घुस करके इनका दमन जरूरी है।
इनके काले मंसूबों पर काला कफन जरूरी है।।
बस इक मौका सेना को दो पाकिस्तान मिटाने का।
माँ का जितना दूध पिया है उसका कर्ज निभाने का।।

जय हिंद! जय भारत
योगेश योगी किसान
9755454999

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 17 फरवरी 2019 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. बिलकुल सही ,कब तक सहेगें हम ,अब तो आर या पार हो ही जाना चाहिए ,सादर नमन आप को

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर लेख |आखिर कब तक| उन शहीदों की आत्मा हम से पूछ रही है | हमें सवाल करने का हक नहीं | ज़बाब देना है उन वीरागनाओं को ....|नमन
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही सुंदर रचना | ओज से भरे सार्थक प्रश्न आज है भारतीय के मन की बात कह रहें हैं |

    उत्तर देंहटाएं

अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें !